रविवार, 7 मार्च 2010

राहुल का स्वयंवर

दोस्तों पिछले करीब पांच सप्ताह से एनडीटीवी इमैजिन पर राहुल का स्वयंवर कार्यक्रम दिखाया जा रहा था।इस प्रोग्राम में राहुल किस तरह से भारतीय सभ्यता की धज्जियां उड़ाई गई इसे सभी ने देखा। क्या किसी को ये अधिकार दिया जाना चाहिए कि वो जो चाहे वो करे। स्वयंवर के अंतिम दिन शनिवार को इस नाटक का पटाक्षेप हो गया । लेकिन स्वयंवर से पहले फाइनल में राहुल ने तीन लड़कियों को चुना गया था। जैसा कि कार्यक्रम में दिखाया गया तीनों फाइनल की प्रतिद्वंदी निकुंज मलिक, डिम्पी गांगुली, और हरप्रीत छाबरा को मेहदी और हल्दी लगाया गया। ये भारतीय परंपरा के बिल्कुल अलग था। हमारे यहां ये परंपरा है कि ल़ड़की की पहले मंगनी होती है और बाद में उसकी हल्दी की रस्म की जाती है। लेकिन यहां पर तो एकदम उल्टा हुआ। आपको तो राहुल महाजन के बारे में पता ही होगा । ये वही राहुल है जो कुछ वर्ष पहले जब उनके पिता की हत्या की गई थी और वो अंतिम संस्कार के समय भी ड्रग्स में धुत्त थे। इतना ही नहीं राहुल के पर ड्रग्स से संबधित कई मामले दर्ज है। उसके बावजूद भी हमारे यहां इस राहुल को इतनी पापुलर क्यों बनाया गया। क्या ये चैनल वाले इसका जवाब देगें, कि वो आपराधिक छवि वाले लोगों को क्यों इस तरह से हाईलाइट करते हैं।